कल अपनों की तलाश थी,
आज खुद की तलाश है।
Ritwik AI • Founder Story • Truth • Consistency • Self Respect
मैं कल भी सफर में था, आज भी सफर में हूं।
कल तक अपनों की तलाश थी, आज खुद की तलाश में हूं।
समय ने बहुत कुछ सिखा दिया साहब… कौन साथ सिर्फ बातों में था, और कौन खामोशी में भी अपना था।
बड़े लोग, बड़े वादे और बड़ी बातें — ये सब हमेशा बड़े दिल वाले हों, जरूरी नहीं होता।
कभी-कभी इंसान दूसरों को समझते-समझते खुद ही अंदर से बदल जाता है।
लेकिन सफर अभी रुका नहीं है। थोड़ा दर्द आज bhi है… पर अब खुद को खोने नहीं दूंगा।
क्योंकि अब समझ आ गया है —
“हर किसी को अपना मान लेना
इंसान की अच्छाई होती है,
लेकिन हर कोई अपना हो,
यह जरूरी नहीं।” 🔥🙏

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